आर्गेनिक खेती क्या होती है ? what is natural farming , organic farming in india

आर्गेनिक खेती क्या होती है ? what is natural farming
तमाम संस्थाएं अक्सर यह कहते हुए मिल जाएंगी कि जैविक खेती(आर्गेनिक खेती) करो, 
फायदे ही फायदे हैं, तमाम दिक्कतें दूर हो जाएंगी वगैरह-वगैरह।
फिर भी हममें से बहुत सारे लोगों को यह पता ही नहीं होता क्या आखिर जैविक खेती क्या है?
जैविक खेती (आर्गेनिक खेती) क्या है?
—ऑर्गेनिक या जैविक खेती एक परिपूर्ण उत्पादन प्रक्रिया है|

जैविक खेती फसल उत्पादन का एक तरीका है, जिसमें किसान मिट्टी को जीवंत रखते हुए खेती कर फसलों का उत्पादन करते हैं।

आर्गेनिक खेती क्या होती है ,organic farming


जैविक खेती वह सदाबहार कृषि पद्धति है, जो पर्यावरण की शुद्धता बरकरार रखती है, भूमि के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखती है, मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ाती है, इसमें रसायनों का उपयोग कम होता है और कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन होता है।
गाय, बकरी, भैंस आदि के गोबर, जलीय अपशिष्ट और फसलों के अवशेषों के उपयोग द्वारा मिट्टी का स्वास्थ्य बरकरार रखा जाता है, जिनमें कुछ लाभदायक सूक्ष्मजीव होते हैं।
—देशी गाय का गोबर व मूत्र लाभदायक
देशी गाय की नस्ल जैविक खेती के लिए वरदान है।
देशी गाय के गोबर व मूत्र में बैक्टीरिया अधिक होते हैं। हमारी जमीन में बहुत से पोषक तत्व हैं, लेकिन उनको फसल तक पहुंचाने वाले बैक्टीरिया खत्म हो गए हैं।
माना जाता है कि एक देशी गाय के गोबर व मूत्र से एक हेक्टेअर जमीन में जैविक खेती की जा सकती है। देशी गाय के गोबर व मूत्र के प्रयोग से खेतों में पोषक तत्वों की कमी नहीं आएगी।
जैविक खेती और प्रकृति संतुलन:-
जैविक खेती प्रकृति के खिलाफ नहीं बल्कि यह प्रकृति के साथ मिलकर अपने समस्त ज्ञान तकनीकों और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हैं।
इसमें प्रकृति और खेती के बीच एक स्वस्थ संतुलन बनाते हुए पारंपरिक खेती को आधुनिक वैज्ञानिक ज्ञान के साथ जोड़ते हुए खेती की जाती है।
जिसमे फसल एवं जानवर विकसित और फलते फूलते हैं।
 जैविक खेती में रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों, हार्मोन या पोषक तत्वों का इस्तेमाल वर्जित है।
इसके बजाय, यह पौधे और मिट्टी की रक्षा के लिए जैविक खाद हरी खाद, बारी बारी से फसल उत्पादन, फसल अपशिष्ट, मिश्रित फसलों के उत्पादन और जानवरों के खाद पर आधारित रहती हैं।
—जैविक खेती देशी खेती का आधुनिक तरीका है|
—खेत में गोबर की खाद, केंचुवा खाद (vermi compost ) कम्पोस्ट, जीवाणु खाद, फसल अवशेष, फसल चक और प्रकृति में उपलब्ध खनिज जैसे रॉक फास्फेट, जिप्सम आदि द्वारा पौधों को पोषक तत्व दिए जाते हैं| 
फसल को प्रकृति में उपलब्ध मित्र कीटों, जीवाणुओं और जैविक कीटनाशकों द्वारा हानिकारक कीटों तथा बीमारियों से बचाया जाता है|
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ROHTASH MEHLA

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