मोरिंगा ,सहजन की खेती एक एकड़ से सालाना कमाए 2 से 3 लाख , moringa cultivation

मोरिंगा ,सहजन की खेती से एक एकड़ से सालाना कमाए 2 से 3  लाख रूपए ,  moringa cultivation

 आपके पास यदि 2 से 3  एकड़ जमीन है तो फि‍र आपको नौकरी की जरूरत नहीं आप इसी से अच्‍छी खासी कमाई कर सकते हैं। खाली जमीन का शानदार उपयोग है सहजन की खेती। 

इतनी जमीन में आप मोरिंगा की खेती कर 4 से 5 लाख रुपए प्रति वर्ष  तक कमा सकते हैं।

 सहजन को ड्रमस्टिक भी कहा जाता है। इसका scientific नाम मोरिंगा ओलीफेरा है। 


सहजन की खेती , moringa cultivation, drumstick



मोरिंगा / सहजन का हर हि‍स्‍सा खाने लायक होता है। 

पत्‍तियों सलाद के तौर पर खाया जा सकता है । मोरिंगा / सहजन के फूल ,फल और पत्ते  बहुत लाभदायक होते हैं। इसमें medicinal गुण भी होते हैं।

इसके बीज से तेल नि‍कलता है ,जिसकी आयर्वेदिक दवाइयां बनाने में काम आता । इसकी बाजार में भारी  मांग है। 

दक्षिण भारतीय  व्यंजनों में इसका प्रयोग बहुत  किया जाता है। मोरिंगा ,drumstick या सहजन आदि नामों से जाना जाने वाला सहजन औषधीय गुणों से भरपूर है। 

इस में 300 से अधिक रोगों के रोकथाम के गुण हैं। इसमें 90 तरह के मल्टीविटामिन्स, 45 तरह के एंटी आक्सीडेंट गुण, 35 तरह के दर्द निवारक गुण और 17 तरह के एमिनो एसिड मिलते हैं।

          सहजन की खेती में पानी की ज्यादा जरूरत नहीं होती और मेहनत भी कम करनी पड़ती है  है।  

सहजन की खेती काफी आसान होती है।  

 किसान बड़े पैमाने नहीं करना चाहते तो सामान्‍य फसल के साथ भी इसकी खेती कर सकते हैं। 

यह रेतीले और गर्म इलाकों में आसानी से फल फूल जाता है। यह सूखी बलुई या चिकनी बलुई मिट्टी में अच्छी तरह बढ़ता है।

 ठन्डे  इलाकों में इसकी खेती फायदेमंद नहीं होती क्‍योंकि इसका फूल खि‍लने के लि‍ए 25 से 30 डिग्री तापमान की जरूरत होती है। 

 एक साल के बाद साल में दो बार उत्‍पादन होता है और एक पेड़ 12 साल तक अच्‍छा उत्‍पादन करता है।         

  एक एकड़ में करीब 1140 पौधे लग जाते हैं। 

सहजन के पेड़ आम तौर पर एक साल में उत्‍पादन देना शुरू कर देते हैं ।

यदि पेड़ अच्‍छी तरह से बढ़े हैं और किसान अच्छी मेहनत करता है तो 7 से

 8 महीने में ही तैयार हो जाते हैं।

सहजन की खेती , moringa cultivation, drumstick

मोरिंगा / सहजन बीज कहाँ से खरीदें -

इसके बीज ऑनलाइन मिल जाते हैं लेकिन अपने नजदीकी hotriculture विभाग में भी पता करें। 

इसकी प्रमुख कि‍स्‍में हैं -

coimbatore 2, rohit 1, P K M 1 और P K M 2 

मोरिंगा / सहजन की नर्सरी कैसे तैयार करें --

 मोरिंगा / सहजन की बाग़  में अगर किसान नर्सरी में तैयार पौधे का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो 20 सेमी की ऊंचाई और 14 सेमी की चौड़ाई वाले plastic बैग का इस्तेमाल करें।

 प्लास्टिक बैग के लिए मिट्टी का मिश्रण उपयुक्त  होना चाहिए, जैसे 3 भाग मिट्टी और 1भाग बालू रेत । 

हरेक बैग में एक से दो सेमी गहराई में 3 बीज लगाएं। मिट्टी में नमी रखें लेकिन ध्यान रखें कि ज्यादा पानी न डालें । 

बीज की उम्र  और तापमान के हिसाब से अंकुरण 7 से 14 दिन के भीतर शुरू हो जाता है। प्लास्टिक बैग से फालतू पौधा निकाल दें और एक स्वस्थ पौधा  बैग में रहने दें ।

 जब पौधे की लंबाई 65 से 100 सेमी हो जाए तब उसे खेत में लगा सकते हैं। पौधे को खेत में लगाने से

 पहले बैग चारों  और काट का निकाल  दें । 

पौधे के जड़ के आसपास मिट्टी अच्छी तरह लगा दें और चरों और से मिटटी अच्छी तरह दबा दें । 

पौधरोपण से पहले बीज को रात भर पानी में भीगने दें । 

पौधरोपण से पहले छिलके को उतारकर सिर्फ गुठली को लगाएं। 

सहजन में खाद कौन से डालें --

गोबर की गली - सड़ी 4 ट्रॉली खाद काफी होती है।

 सहजन की खेती पर किसानों को सब्सिडी / subsidy

 सहजन का क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम का प्रति एकड़ लागत  29,600 रूपये 

आंकलन किया गया है , जिसमें लागत का 50 प्रतिशत अर्थात 14800 रूपये

 प्रति एकड़ की दर से 2 किश्तों में 75:25 में सहायता अनुदान देने का 

प्रावधान किया गया है | 

अर्थात किसानों को पहले साल  में 75% रूपये एवं दूसरे साल में बाकि 25% 

रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता देय होगा | 

याद रखें  दूसरे साल में 90 प्रतिशत सहजन के पौधे जीवित होने चाहिएं तभी

 अनुदान की राशि दी जाती है |

आपका दिन शुभ हो ---और कोई सवाल हो तो टिप्पणी करें --धन्यवाद 

पसंद आया तो------ शेयर और  फॉलो  करें 

अधिक जानकारी के लिए और जवाब पढ़ें--

ताइवान रेड लेडी 786 पपीता उत्पादन /खेती  कैसे करें ?


टिप्पणियां